
आया बुढ़ापा बन्दिया
आया बुढ़ापा बन्दिया वे मूड आनी ना जवानी, चिठिया वी पाइयाँ बन्दिया वो तारा वी भेजिए, फिर भी सुन बन्दिया

आया बुढ़ापा बन्दिया वे मूड आनी ना जवानी, चिठिया वी पाइयाँ बन्दिया वो तारा वी भेजिए, फिर भी सुन बन्दिया

तू दयालु दीं मैं तू दानी मैं भिखारी, मैं प्रिशिद पात की तू पाप पुंज हारी, तू दयालु दीं मैं

चाहे अपना लो चाहे तुम भुलाओ तुम्हारा हूँ बाबा तुम्हारा रहूंगा रखो हाथ सर पे या हाथ तुम छुड़ाओ तुम्हारा

जब से तेरे दर पे आई मैं बड़ी मस्ती में हु, राधे राधे श्री राधे राधे राधे राधे श्री राधे,

माँ किना प्यारा है तेरा ना तेरा ना, बचैया दा सहारा है तेरे ना तेरा ना, तेरे नाम दे वेहड़े

दुखियां दे दुखड़े माँ दूर करदी खुशियाँ दे नाल भरपूर करदी हथ जोड़ माँ नु अरजा कर ला गे जा

भरोसा है हमे तेरा कन्हैया वासुरी वाले उबरेगा हमे भव से कन्हैया वासुरी वाले जरा तुम देखलो आकर दशा हम

क्या कभी सोचा था किसी ने ऐसा भी दिन आएगा ग्यारस वाली रात को खाटू सुना ही रह जाएगा ,

मेरा हाल है जो फिलहाल ये कोई क्या जाने, दिल ले गया नन्द का लाल ये कोई क्या जाने, दिल

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । अजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्