
आरती उतार लो सीता रघुवर की
आरती उतार लो सीता रघुवर जी की लक्ष्मण भरत शत्रुघ्नन के संग पवन तने जी की आरती उतार लो सीता

आरती उतार लो सीता रघुवर जी की लक्ष्मण भरत शत्रुघ्नन के संग पवन तने जी की आरती उतार लो सीता

सारी उम्र तुम्हारी कमी खले गी माँ, जब दूंगा आवाज तू संग चले गी माँ, मेरी माँ मेरी माँ तेरे

कभी कभी तू डाल के घुंघट पनघट जाती है मतवाली सी चाल तेरी मेरे मन को भाति है ओ मेरी

सांवरो कन्हैया मेरो मन में वसो है, मुरली भजाने वालो मन में वसो रे, मन में वसो रे कान्हा तन

मेरी नैया ये डोलती इसे किनारा दो हारा मैं श्याम आके तुम मुझे सहारा दो क्या खता हो गई बता

मेरो जी राजी हो जावे तेरे मंदिरये में आके, श्याम तू कितनो प्रेम लुटावे माहरे सिर पे हाथ फिरावे, हो

हे भोले हे भोले हे बम बम शिव भोले, देख तेरा भोला भाला पण जीरा मोहरा ढोले, हे बम बम

चेत में पुरना के दर जो चला है पुरना मैया अपने भगतों की करती भला है, खली लोटा ना हाथ

आजा आजा भोले नाथ तेरी कब का देखु बात, मेरे भी पुरे करदे ठाठ ओ मेरे बाबा भोले नाथ., तेरी

तेरा दरबार हमने सजाया है माँ तुम को भुलाया है माँ, ये बता दो बता दो पूजा में कमी तो