
कानुड़ा नखरा घना दिखावे
सुन मनमौजी सांवरियां. तू तो बेठियो हुकम चलावे, कानुड़ा नखरा घना दिखावे तेरी मेरी कइया निभ सी, छप्पन भोग छति

सुन मनमौजी सांवरियां. तू तो बेठियो हुकम चलावे, कानुड़ा नखरा घना दिखावे तेरी मेरी कइया निभ सी, छप्पन भोग छति

जय भारती ! वन्दे भारती ! सर पे हिमालय का छत्र है, चरणों में नदियाँ एकत्र हैं, हाथों में वेदों

चलो रे चलो रे भगतो साईं की नगरियाँ, देखो कैसा अमृत बरसे बाबा की दुवरियां, सब कुछ छोड़ दे बंदे

मेरा सूना है संसार श्याम आ जाओ इक बार, श्याम आ जाओ बाबा आ जाओ, मेरी सुन लू करुण पुकार

सूझे न डगरियाँ श्याम बिना, कब लोगे हमारी नाथ खबरियां श्याम बिना गोकुल छोड़ी मथुरा सिधारो कब होये है हमरी

भवनों से उतर के शेरावाली आई है, भक्तो को ख़ुशी की सौगात देने आई है, करलो दीदार माँ का करलो

सूरज ते चन भी न चड़न आदेश तो बिना, कोई भी न कम सफल श्री गणेश तो बिना, सीधी न

लाज रख ले तू आके बलकरिया म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे हाथ जोड़े से भगत हाथ जोड़े

प्यारा लगे बड़े प्यारा लगे, साई तेरा नाम बड़ा प्यारा लगे, न्यारा लगे बड़ा न्यारा लगे, साई तेरा नाम बड़ा

तू सोये भाग जगा दे रे मैं राधे राधे कहती मेरे कृष्णा दर्श दिखा दे रे मैं राधे राधे कहती