
विनरमता की शक्ति
सुबह मेघनाथ से लक्ष्मण का अंतिम युद्ध होने वाला था। वह मेघनाथ जो अब तक अविजित था। जिसकी भुजाओं के

सुबह मेघनाथ से लक्ष्मण का अंतिम युद्ध होने वाला था। वह मेघनाथ जो अब तक अविजित था। जिसकी भुजाओं के

क्या वास्तविक महाभारत यह नहीं है है•••?••शास्त्र कहते हैं कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष

सुबह के समय मथुरा की एक चौबे की पत्नी यमुना में स्नान करने जाया करती थीं। एक दिन चौबे की

तीन काल त्रिभुवन मत मोरे।पुण्यसि लोक तात तर तोरे।। और भगवान ने कहा कि भरत! तुम्हारी महिमा तो इतनी है

एक बार की बात है। बहुत दूर से ब्राह्मण संत एकनाथ महाराज का घर ढूँढ़ता हुआ आया था। जब वह

मंगल की सेवा सुन मेरी देवी हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वालातेरी भेंट करें।। सुन

विद्वान या विद्यावान विद्यावान गुनी अति चातुर ।राम काज करिबे को आतुर ।। एक होता है विद्वान और एक विद्यावान

अध्याय १मोह ही सारे तनाव व विषादों का कारण होता है । अध्याय २शरीर नहीं आत्मा को मैं समझो और

एक छोटे से गांव नयासर में एक गरीब औरत अपने परिवार के साथ रहती थी,उस गरीब औरत के एक बेटा

कान्हा नामका एक भंगी था वह नाली साफ करनेका काम किया करता था | वह भगवान् श्रीकृष्णसे बहुत प्रेम करता