
हीरा हीरा हैं
एक बार एक राज-महल में कामवाली बाई का लड़का खेल रहा था, खेलते खेलते उसके हाथ में एक हीरा आ

एक बार एक राज-महल में कामवाली बाई का लड़का खेल रहा था, खेलते खेलते उसके हाथ में एक हीरा आ
माता भगवती जगत् जननी दुर्गा जी की साधना-उपासना के क्रम में, नवार्ण मंत्र एक ऐसा महत्त्वपूर्ण महामंत्र है। नवार्ण अर्थात

आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। प्रस्तुत है दशमहाविद्या स्तोत्र। माता ब्रह्मचारिणी अपने सभी भक्तों का मङ्गल करें !

जय भगवति देवि नमो वरदे, जय पापविनाशिनि बहुफलदे । जय शुम्भ-निशुम्भ-कपालधरे, प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे ।।1।।जय चन्द्रदिवाकर नेत्रधरे, जय पावक

रुद्र रूप में भगवान शिव के साथ संरेखित करने के लिए रुद्र गायत्री मंत्र का अभ्यास किया जाता है। रुद्र

प्रथमं तु महादेवं द्वितीयं तु महेश्वरं।तृतीयं शङ्करं प्रोक्तं चतुर्थं वृषभध्वजम्।।१।। पञ्चमं कृत्तिवासं च षष्ठं कामङ्गनाशनं।सप्तमं देवदेवेशं श्रीकण्ठं चाष्टमं तथा।।२।। नवमं

कष्ट के अनुसार किसी भी एक या तीनों मन्त्रों की नित्य एक या अधिक माला जप करें, अवश्य ही शांति

गायत्री महामंत्र ‘ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।’ यही सच है कि इस दुनिया में

श्री यमुनाजी भक्तिका स्वरुप है, और भक्ति के प्रकार भी नव है । श्री यमुनाष्टक भी नव श्लोक में है

आज का प्रभु संकीर्तन।भगवान श्री कृष्ण कहते हैं मेरे सच्चे भक्त वही होते हैं जो कुछ लेने में नही देने