
निन्दाकी प्रशंसा
बहुत पहले काशीमें एक प्रजावत्सल, धर्मात्मा राजा रहता था। एक दिन एक देवदूतने राजासे आकर निवेदन किया-‘महाराज! आपके लिये स्वर्गमें

बहुत पहले काशीमें एक प्रजावत्सल, धर्मात्मा राजा रहता था। एक दिन एक देवदूतने राजासे आकर निवेदन किया-‘महाराज! आपके लिये स्वर्गमें

बात शाहजहाँके शासनकालकी है। स्यालकोटके एक छोटे मदरसेमें बालक हकीकतराय पढ़ता था । एक दिन मौलवी साहब कहीं बाहर चले

जरूरतमन्दकी मदद अफ्रीकामें एक छोटा-सा देश है बासुतोलैण्ड ! यहाँका अधिकांश क्षेत्र घने जंगलोंसे घिरा हुआ है। इन्हीं जंगलोंके बीच

निर्णयमें विलम्ब उचित नहीं (ब्रह्मलीन स्वामी श्रीअखण्डानन्द सरस्वतीजी महाराज ) वाराणसी मण्डलके अन्तर्गत पश्चिमवाहिनी गंगाके तटपर एक छोटा-सा ग्राम है,

दोब्रीवेकी पढ़ाई समाप्त हो गयी। उसका जन्मदिवस आया जन्म दिनके उपलक्ष्यमें उसके यहाँ बहुत कीमती सौगातका ढेर लग गया। उसके

* ‘जाहि निकारो गेह ते क्यों न भेद कहि देइ’ कुम्भकर्णसहित अनेक राक्षस सेनापतियोंका वध हो जानेपर इन्द्रजित् मेघनादने युद्धभूमिमें

लेनदार कौन ? छात्र जीवनमें स्वामी रामतीर्थको दूध बड़ा प्रिय था। वे एक हलवाईसे खरीदकर प्रतिदिन दूध पिया करते थे।

(3) आलसी मत बनो एक लकड़हारा जंगलमें लकड़ी लाने रोज जाता था और उसे एक अपाहिज लँगड़ी लोमड़ी रोज दिखायी

श्रीगोंदवलेकर महाराजकी पहली पत्नीका देहान्त हो चुका था। दो-चार माहके बाद उनकी माँने उन्हें दूसरी शादी करनेपर मजबूर किया। मातृभक्तिके

(लेखक श्रीब्रह्मानन्दजी ‘बन्धु’) गत महासमरमें वर्मापर जापानका अधिकार हो । चुका था और ब्रिटिश सेना फिरसे उसपर आधिपत्य जमा रही