
गोसेवाका शुभ परिणाम
महाराज दिलीप और देवराज इन्द्रमें मित्रता थी। बुलानेपर दिलीप एक बार स्वर्ग गये| लौटते समय मार्गमें कामधेनु मिली; किंतु दिलीपने

महाराज दिलीप और देवराज इन्द्रमें मित्रता थी। बुलानेपर दिलीप एक बार स्वर्ग गये| लौटते समय मार्गमें कामधेनु मिली; किंतु दिलीपने

महर्षि गौतमके आश्रम में कई शिष्य रहते थे। वे आश्रममें विद्याध्ययन करते हुए गुरुकी गृहकार्यमें मदद भी करते थे। इसी

प्राचीन कालमें विदुला नामको एक अत्यन्त बुद्धिमती एवं तेजस्विनी क्षत्राणी थीं। उनका पुत्र संजय युद्धमें शत्रुसे पराजित हो गया था।

अहंकारी नहीं, विनम्र बनें रूसके एक महान् विचारक हुए हैं-‘आस्पेन्स्की ‘सत्यका सिद्धान्त’ नामक उनकी एक कृतिको श्रेष्ठतम कृतियोंमें स्थान प्राप्त

संत- मण्डलीके साथ ज्ञानेश्वर महाराज गोरा कुम्हारके घर आये। नामदेव भी साथ थे। ज्ञानदेवने गोरासे कहा तुम कुशल कुम्भकार हो

चरित्र-बल नोबेल पुरस्कार विजेता सी0वी0 रमण भौतिकशास्त्र के प्रख्यात वैज्ञानिक थे। अपने विभागके लिये उन्हें एक योग्य वैज्ञानिककी जरूरत थी।

सद्व्यवहारका अचूक अस्त्र एक राजाने एक दिन स्वप्न देखा कि कोई परोपकारी साधु उससे कह रहा है कि बेटा! कल

साधु मुहम्मद सैयद सच्चे भक्त संत थे। इनके पास कोई भी संग्रहकी वस्तु नहीं रहती थी । यहाँतक कि लंगोटी

एक व्यापारीके दो पुत्र थे। एकका नाम था धर्मबुद्धि, दूसरेका दुष्टबुद्धि । वे दोनों एक बार व्यापार करने विदेश गये

सैकड़ों साल बीत गये, किन्हीं दो नदियोंके पवित्र संगमपर एक तपोधन ब्राह्मण रहते थे। उनका नाम कौशिक था। वे अपने