
आदर्श निर्लोभी
परम भक्त तुलाधार शूद्र बड़े ही सत्यवादी, वैराग्यवान् तथा निर्लोभी थे। उनके पास कुछ भी संग्रह नहीं था। तुलाधारजीके कपड़ोंमें

परम भक्त तुलाधार शूद्र बड़े ही सत्यवादी, वैराग्यवान् तथा निर्लोभी थे। उनके पास कुछ भी संग्रह नहीं था। तुलाधारजीके कपड़ोंमें

प्रेरणाप्रद लघु बोधकथाएँ तुम बहुत सुखी हो एक समयकी बात है, एक कौवेकी भेंट एक हंससे हुई। उस कौवेने हंसके

एकताका सूत्र है- सहनशीलता जापानके राजा यामोता धर्मात्मा तथा उदार हृदयके शासक थे। वे प्रजाजनोंके सुख-दुःखमें हमेशा सहभागी बननेका प्रयास

रूस और जापानका युद्ध चल रहा था। पिछले महासमरकी बात नहीं कही जा रही है। रूस था जारका सम्राज्यवादी रूस

(7)अपनेको बड़ा न समझें रामकृष्ण परमहंसके दो शिष्य इस बातपर झगड़ा करने लगे कि उनमें कौन बड़ा है ? झगड़ा

श्री अवध में सरयूके किनारे एक महात्मा थे। वे एक ऊँचे मचानपर रहते थे। वे किसीसे बोलते नहीं थे। जब

पंजाब केसरी महाराज रणजीतसिंह कहीं जा रहे थे। अकस्मात् एक ढेला आकर उनको लगा। महाराजको बड़ी तकलीफ हुई। साथी दौड़े

किसी वस्तुको रखने या हटा देनेके सम्बन्धमें बहुत सोच-समझकर निर्णय करनेसे बड़े से बड़ा लाभ होते देखा गया है। बहुत

किसी वृक्षपर एक उल्लू बैठा हुआ था। अचानक एक हंस उड़ता हुआ उस वृक्षपर आ बैठा। हंस स्वाभाविक रूपमें बोला-‘उफ्!

श्रीराममिश्रजी महात्मा पुण्डरीकाक्षीको सेवामें गये। बोले—’भगवन्। मेरे मनमें स्थिरता नहीं है। इसका कारण मैंने यह निश्चय किया है कि मेरी