
अदृश्य कड़ाई और गोमती माँ का प्रेम
काशी के एक छोटे से गाँव में एक वृद्धा रहती थी जिसका नाम था, गोमती माँ। उसके पास रहने को

काशी के एक छोटे से गाँव में एक वृद्धा रहती थी जिसका नाम था, गोमती माँ। उसके पास रहने को

राज्य में एक धर्मपरायण राजा राज करता था। उसके राज्य में एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर था। वह मंदिर

चोखामेला जी महाराष्ट्र के एक गृहस्थ संत थे। वो बड़ी मेहनत से गृह निर्माण कार्य से जो धन मिलता था

अमृत कथाएक महान विद्वान से मिलने के लिये एक दिन राजा आये। राजा ने विद्वान से पूछा, ‘क्या इस दुनिया

समाधि की अवस्था विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों एवं साधु संतों के लिए अपने ध्येय को प्राप्त करने की सर्वोत्कृष्ट अवस्था है l
आध्यात्मिक ज्ञान भक्त प्रह्लाद के पौत्र बलि यज्ञ कर रहे थे तभी उनकी यज्ञशाला में नारायण प्रभु (विष्णु जी )

जिस देह पर तुम हँसते हो,उसे ईश्वर ने स्वयं गढ़ा है।हांडी टेढ़ी हो तो दोष कुम्हार का होता है।— ऋषि


मीरा का मान मीरा का मान रखने के लिये स्वयं श्री कृष्ण ने स्त्री रूप धारण किया। राणा सांगा के