
श्रील लाला बाबू
.इनका जन्म पूर्व बंगाल के अंतर्गत मुर्शिदाबाद (काँदी) कोलकाता में हुआ। इन का वास्तविक नाम श्रीकृष्णचंद्र सिंह था।.एक दिन गंगा

.इनका जन्म पूर्व बंगाल के अंतर्गत मुर्शिदाबाद (काँदी) कोलकाता में हुआ। इन का वास्तविक नाम श्रीकृष्णचंद्र सिंह था।.एक दिन गंगा

. श्री श्यामानंद प्रभु का जन्म सन् 1535ई. को चैत्र पूर्णिमा के दिन पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के अंतर्गत

एक दिन की घटना है। एक छोटी सी लड़की फटे पुराने कपड़ो में एक सड़क के कोने पर खड़ी भीख

एक राजा था जिसे पेटिंग्स से बहुत प्यार था. एक बार उसने घोषणा की कि जो कोई भी उसे एक

.एक हरा-भरा चरागाह था, जहाँ भगवान श्री कृष्ण की गाय चरा करती थीं।.आश्चर्य की बात यह थी कि उस चरागाह

.5 साल का बच्चा :- माँ प्यार और लव मैं क्या फर्क है।.माँ:- मैँ तुम से जो करती हूँ वो

एक राजा बड़ा सनकी था। एक बार सूर्यग्रहण हुआ तो उसने राजपंडितों से पूछा, ‘‘सूर्यग्रहण क्यों होता है?’’पंडित बोले, ‘‘राहू

,मैं उस समय एक हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ थी, एक दिन मैं अपनी कक्षा से छात्रों को पढ़ा कर

एक स्त्री थी जिसे 20साल तक संतान नहीं हुई।कर्म संजोग से 20वर्ष के बाद वो गर्भवती हुई और उसे पुत्र

एक ब्राह्मण था, कृष्ण के मंदिर में बड़ी सेवा किया करता था। उसकी पत्नी इस बात से हमेशा चिढ़ती थी