
यह सच या वह सच
2- यह सच या वह सच राजा जनक अपने महलमें पलंगपर सोये थे । उनको एक सपना दीख पड़ा कि

2- यह सच या वह सच राजा जनक अपने महलमें पलंगपर सोये थे । उनको एक सपना दीख पड़ा कि

तालाब-निर्माणका अद्भुत फल गौड़देशमें अत्यन्त विख्यात वीरभद्र नामके एक राजा हो गये हैं। वे बड़े प्रतापी, विद्वान् तथा सदैव ब्राह्मणोंकी

समस्याओंका समाधान एक गाँवमें एक वयोवृद्ध सरपंच रहते थे। दूर दूरके लोग उनसे अपनी समस्याओंका समाधान और इंझटोंका निबटारा कराने

एक राजकुमारकी शिक्षा पूरी हो चुकी थी। महाराज स्वयं आये थे मन्त्रियोंके साथ गुरुगृहसे अपने कुमारको ले जाने समावर्तन संस्कार

युद्धके समय अपरिचित देशोंमें मैं एक अनाथ शिशुकी तरह अकेले रह रहा था। फिर भी मैं सदा सुखी और स्वस्थ

5- साधनकी सटीकताका महत्त्व गुरुके द्वारा निर्दिष्ट साधन ही परिपक्व और फलप्रद हो सकता है। पाँच-छः मनुष्य हैं। उन सबको

पूर्वजोंकी दुहाई देनेसे क्या लाभ ? एक बार एक व्यक्ति नौकरीकी तलाशमें किसी सरकारी दफ्तरमें पहुँचा। पूछनेपर उसने कहा कि

काशीपुरीकी उत्तर दिशामें उत्तर अर्ककुण्ड है, जहाँ भगवान् सूर्य उत्तरार्ध नामसे निवास करते हैं। वहीं एक प्रियव्रत नामसे ब्राह्मण रहते

लगभग तीस वर्ष पहलेकी बात है। एक गाँव में एक बूढ़ा रहता था। उसकी पत्नी भी बूढ़ी हो गयी थी।

मांसभक्षणसे प्रेतयोनि महात्मा श्रीसन्तदास बाबाजीने कहा था कि कई वर्षों पहलेकी बात है, कलकत्ता हाईकोर्टके एक सुप्रसिद्ध न्यायाधीश परलोकवासी हो