अ मन तु अन्तर्मन में झांक कर देख

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हमारे अन्दर सब कुछ है। हम बाहर की दुनिया में खोए रहते हैं अपने नजरिए से अन्तर्मन में झांक कर नहीं देखते हैं। हम अपने मन को समझा लेते हैं। तब बङी से बङी विपत्तियों का सामना कर सकते हैं। हमें अपने मन से बार बार प्रशन करना चाहिए तु क्या चाहता है तेरे दिल में किस चीज को प्राप्त करने की इच्छा है। फिर मन से बात करे कि अ मन देख यह संसार सत्य नहीं है संसारिक सुख में तृप्ति और और त्याग नहीं है अ मन मानव योनि तुझे भगवान ने कृपा करके दी है प्राणी जन्मो तक भटकता ही रहता है।भगवान का चिन्तन और मनन नहीं करता है उसे इस बात का भी ज्ञान नहीं होता है तुझे भगवान ने पृथ्वी पर भगवान को भजने के लिए भेजा है। तु आया था प्रभु प्राण नाथ भगवान श्री हरि रूप हीरा प्राप्त करने तुनेअपने जीवन को मिटी मे रूला दिया जीवन की संध्या आ गई तु खाली का खाली ही रहा। अ मन तु दिल के द्वार पर दस्तक देकर तो देख दिल में परमात्मा बैठे हैं अ मन अन्तर्मन मे झांक कर देख अन्तर्मन आनंद प्रेम का सागर लहराता है अन्तर्मन मे लीन होकर तो देख। अ मन तुझे शान्ति हमे बाहर से नहीं मिलेगी विचारों की पवित्रता को क्या मार्केट से खरीद सकते हैं। ये सब आपको अपने अन्तर्मन से ही मिलता है। संसार खरीददार है। संसार में हर चीज का मुल्य लगता है। प्रेम को बाहर कितना ही ढुढो प्रेम आपको अपने पास से ही मिलेगा। आपके भाव और विचार ऊंचे होगें तब सम्बन्धी आप के साथ प्रेम का व्यवहार करेंगे। संसारिक सुख आत्मा को शान्ति प्रदान नहीं करता है। आन्तरिक शान्ति से आत्मा तृप्त होती है। जय श्री राम
अनीता गर्ग



Everything is inside us. We are lost in the outside world and do not look into the inner world from our point of view. We explain our mind. Then you can face even bigger adversities. We should ask our mind again and again what do you want, what do you desire to achieve in your heart. Then talk to the mind that seeing the mind, this world is not true, there is no fulfillment and renunciation in worldly happiness. A human body has been given to you by God. He is not even aware of this fact that God has sent you on earth to worship God. You had come to get the diamond as Lord Pran Nath, Lord Shri Hari, you made your life cry in the soil, the evening of life came, you remained empty of empty. O mind, by knocking at the door of your heart, then see God is sitting in your heart; A mind peeping into the heart and seeing that the ocean of joy flows in the heart, see if you are absorbed in your heart. A mind, you will not get peace from outside, can you buy purity of thoughts from the market? You get all this from your inner self. The world is a buyer. Everything in the world has a price. No matter how much you seek love outside, you will get love only from your side. Your feelings and thoughts will be high, then relatives will treat you with love. Worldly happiness does not give peace to the soul. The soul is satisfied with inner peace. Long live Rama Anita Garg

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