
नंदी के कान में क्यों बोली जाती है मनोकामना ?
जब भी हम किसी शिव मंदिर जाते हैं तो अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग शिवलिंग के सामने बैठे नंदी

जब भी हम किसी शिव मंदिर जाते हैं तो अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग शिवलिंग के सामने बैठे नंदी

. “.प्रेम की प्रकाष्ठा” दिव्य अलौकिक, अनन्य, अनन्त,आत्मा और परमात्मा का मिलन है। श्री श्यामा श्याम आठों पहर एक दुसरे

जहाँ स्वयं भगवान अवतार लेकर आएं उससे बड़ा तीर्थ और कौन हो सकता है। एक बार लक्ष्मणजी तीर्थ यात्रा पर

जय श्री राधे कृष्ण राधे राधे ये परमात्मा ने मुझ पर कृपा की है। मुझे दो तीन दिन से राधे

कहा जाता है निधिवन के सारी लताये गोपियाँ है जो एक दूसरे कि बाहों में बाहें डाले खड़ी है जब

अक्सर श्री गणेश की प्रतिमा लाने से पूर्व या घर में स्थापना से पूर्व यह सवाल सामने आता है कि

रमा नाम की एक स्त्री थी जो किसी गांव में रहती थी…5-6 बरस उसकी शादी को हो गए थे लेकिन

एक बार एक शिष्य ने विनम्रतापूर्वक अपने गुरु जी से पूछा – ‘गुरु जी,कुछ लोग कहते हैं कि जीवन एक

श्री रामचरितमानस के उत्तर काण्ड में वर्णित इस रूद्राष्टक की कथा कुछ इस प्रकार है। कागभुशुण्डि परम शिव भक्त थे।

श्री युगल संध्या गोपी-प्रेम बड़ा ही पवित्र है, इसमें अपना सर्वस्व अपने प्रियतम श्रीकृष्ण के चरणों में न्यौछावर कर देना