
मीरा चरित भाग-29
मीरा ने एक बार और लौट जाना चाहा, किन्तु फूलाँ की जिद्द से विवश होकर वह साथ हो ली। यों

मीरा ने एक बार और लौट जाना चाहा, किन्तु फूलाँ की जिद्द से विवश होकर वह साथ हो ली। यों

“सुर रखवारी सुर राज रखवारी,शुक शम्भु रखवारी रवि चन्द्र रखवारी है।”श्री राधा सभी स्वर्गीय देवताओं की रक्षक हैं और वास्तव

‘बस, इतनी-सी बात? लो पधारो। मैं चलती हूँ भोजन करनेके लिये। आपके मुख से भोजन का नाम सुनते ही जोर

अपनी दशा को छिपाने के प्रयत्न में उसने सखियों की ओर से पीठ फेरकर भीत पर दोनों हाथों और सिर

‘नहीं बेटा! पर वे मीरा के शिक्षा गुरु हैं, दीक्षा गुरु नहीं।’–दूदाजी ने उत्तर दिया।‘आप रुकिये न भाई!’- मीराने हँसकर

तुम्हारे गिरधर ही तुम्हारे रक्षक हैं। अभी डेढ़ महीना और रहूँगा यहाँ।’ मीराके एकादश वर्ष में प्रवेश के तीसरे ही

प्रभु प्रेमी संघ ।। श्री: कृपा ।।🌿 पूज्य “सद्गुरुदेव” जी ने कहा – ज्ञान का अभाव दुःख और व्याकुलता की

एक बार नारद जी ने भगवान से प्रश्न किया कि प्रभु आपके भक्त गरीब क्यों होते हैं?तो भगवान बोले –

The intriguing name Pashupati means ‘the Lord of beasts’ or the ‘Lord of animals’. It derives from the Sanskrit words

शं शं शं सिद्धिनाथं प्रणमति चरणं वायुपुत्रं च रौद्रम्।वं वं वं विश्वरुपं ह ह ह ह हसितं गजितं मेघछत्रम्।। तं