
ईष्ट के प्रति पूर्ण समर्पण
।। श्री: कृपा । पूज्य “सद्गुरुदेव जी ने कहा – अंतःकरण की परिशुद्धि में आहार शुचिता आवश्यक है। वस्तुत: वैचारिक

।। श्री: कृपा । पूज्य “सद्गुरुदेव जी ने कहा – अंतःकरण की परिशुद्धि में आहार शुचिता आवश्यक है। वस्तुत: वैचारिक

.जब गोकुल में भगवान् के जन्म का पता चला तो सारे ग्वाल -बाल नन्द बाबा के घर बधाईयाँ ले-लेकर आये..नन्द

दृश्यन्ते रथमारूढा देव्यः क्रोधसमाकुलाः।शंख चक्रं गदां शक्तिं हलं च मुसलायुधम्।।१३।। खेटकं तोमरं चैव परशुं पाशमेव च।कुन्तायुधं त्रिशूलं च शार्ङ्गमायुधमुत्तमम्।।१४।। दैत्यानां

नम: श्री गुरु चरणकमलेभ्यो नमः! ॐ श्री काशी विश्वनाथ विजयते सर्वविपदविमोक्षणम् नेह चात्यन्त संवास: कर्हिचित् केनचित् सह ।राजन् स्वेनापि देहेन

चैत्री नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं हिंदू धर्म में पुराणों का विशेष महत्व है। इन्हीं पुराणों में वर्णन है माता के

रा + धा=राधा‘रा’ से बीज मन्त्र ‘धा’ से धारणा की होती सिद्धि, और होती शुकदेव की समाधि अनायास है।मेरी रसना

सुदामा का स्नान भोजनादि सब हो चुका था, श्रीकृष्ण अब अपने इस सखा का प्रेम से हाथ पकडे वहाँ ले

काली शब्द का अर्थ है काल की पत्नी काल शिव जी का नाम है अतः शिव पत्नी को ही काली

एक राजा बड़ा सनकी था। एक बार सूर्यग्रहण हुआ तो उसने राजपंडितों से पूछा, ‘‘सूर्यग्रहण क्यों होता है?’’पंडित बोले, ‘‘राहू

कृष्ण के जन्म से उनकी लीला संवरण तक हर घटना अपने आप में गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को समेटे हुए है,