
[116]”श्रीचैतन्य–चरितावली”
।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामराजपुत्र को प्रेम दान कटकाधिपस्य तनयं गौरवर्णं मनोहरम।आलिंगते सुप्रेम्णा तं गौरचन्द्रं नमाम्यहम।। मनुष्य

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामराजपुत्र को प्रेम दान कटकाधिपस्य तनयं गौरवर्णं मनोहरम।आलिंगते सुप्रेम्णा तं गौरचन्द्रं नमाम्यहम।। मनुष्य

दुर्भाग्य से मिल जाएगी मुक्ति; भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा…अगर दुर्भाग्य आपका लगातार पीछा कर रहा है.

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामभक्तों के साथ महाप्रभु की भेंट यस्यैव पादाम्बुजभक्तिलभ्य:प्रेमाभिधान: परम: पुमर्थ:तस्मै जगन्मगंलमगलायचैतन्यचन्द्राय नमो नमस्ते।।

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेराममहाराज प्रतापरुद्र को प्रभु दर्शन के लिये आतुरता हेलोद्धूलितखेदया विशदया प्रोन्मीलदामोदया।शाम्यच्छास्त्रविवादया रसदया चित्तार्पितोन्मादया।शश्वद्भक्तिविनोदया

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामप्रेम रस लोलुप भ्रमर भक्तों का आगमन क्वचित क्वचिदयं यातु स्थातुं प्रेमवशंवद: ।न

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामगौर भक्तों का पुरी में अपूर्व सम्मिलन वाञ्छाकल्पतरुभ्यश्च कृपासिन्धुभ्य एव च।पतितानां पावनेभ्यो वैष्णवेभ्यो

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामनीलाचल में प्रभु का प्रत्यागमन उद्दामदामनकदामगणाभिराममारामरामविररामगृहीतनाम।कारुण्यधाम कनकोज्ज्वलगौरधामचैतन्यनाम परमं कलयाम धाम।। बड़ौदा से चलकर

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामनौरो जी डाकू का उद्धार संसारसिन्धुतरणे हृदयं यदि स्यात।संगीर्तनामृतरसे रमते मनश्चेत।प्रेमाम्बुधौ विहरणे यदि

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामदक्षिण के शेष तीर्थों में भ्रमण महद्विचलनं नृणां गृहिणां दीनचेतसाम।नि:श्रेयसाय भगवन कल्पते नान्यथा

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामदक्षिण के तीर्थों का भ्रमण (2) परोपकृतिकैवल्ये तोलयित्वा जनार्दन:।गुर्वीमुपकृतिं मत्वा ह्यवतारान दशाग्रहीत।। साधारण