
ऐसी किरपा होगी माला माल हो गया
जो भी दर आया ओ निहाल हो गया, ऐसी किरपा होगी माला माल हो गया, अम्बे माँ दे दर दिया

जो भी दर आया ओ निहाल हो गया, ऐसी किरपा होगी माला माल हो गया, अम्बे माँ दे दर दिया

जगदम्बे की लीला अपार चलो चले दर्शन को कटरा वसी है वैष्णो देवी तिरकुत पर्वत पर वैष्णो देवी पूजा करे

ए की होया ए की होया क्यों सुन्ना तेरा दरबार नी माँ, माँ सुन ले अरजा बच्चियां दी रो रो

माँ जब देने पे आये लेने वाला थक जाये, इतना भी मत देना माँ अभिमान मुझे हो जाये, चरणों की

ਤੂੰ ਜਾਣੇ ll ਮਹਾਂਰਾਣੀ, ਤੇਰੀਆਂ ਤੂੰ ਜਾਣੇ ll ਤੂੰ ਜਾਣੇ ਮਹਾਂਰਾਣੀ, ਤੇਰੀਆਂ ਤੂੰ ਜਾਣੇ ll ਤੂੰ ਜਾਣੇ ll ਮਹਾਂਰਾਣੀ… ਤੇਰੀਆਂ

सुख तेरी खिड़े मथे किती मंजूर मैं, कुज गाल दिल वाली दसनी जरूर मैं, नैना देवी माँ दी गल न

मैं तेरे बिना कमली होई, तू दरश दिखा दे दातिए आजा हुण अम्बिके तू आजा माँ, रो रो केहनी हां

हाज़िर होए दरबार माँ तेरे,हाज़िर होए दरबार, ठुकरादे चरणी ला ले,कब दा करा पुकार, हाज़िर होए तेरे दरबार…… तेरे दर

कबूल मेरी विनती होनी चाहिये ॥ तेरे पागलों में गिनती होनी चाहिये ॥ तेरे नाम का लेके सहारा ॥ चलता

उचे पहाड़ो से आओ मेरी माँ जगदम्बे भवानी आओ भवानी चली आओ महारानी भगतो को दर्शन दिखाओ मेरी माँ जगदम्बे