
भगतो के घर आएगी
पर्वत पे मंदिर निराला है धाम मियां का सब से आला है, सब की बिगड़ी बनाने को मियां मेरी, पुरना

पर्वत पे मंदिर निराला है धाम मियां का सब से आला है, सब की बिगड़ी बनाने को मियां मेरी, पुरना

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर, मिल गया तेरा दर तो मजा आ गया, ना कोई भी खबर ना

कम चलदे रहण घर वसदे रहण माँ तेरे प्यारेया दे, चमकण किस्मत दे तारे तेरी अँख दे तारेया दे, मिट्टी

स्वर्ग से सुंदर भवन है माँ का वैष्णो ज्योतावाली, सब जग की माँ ज्योत बनी है घर घर की दीवाली

मैं तेरे बिन रह नहीं सकदा माँ, जुदाइयां सह नहीं सकदा माँ ।॥ तेरे मंदिरां ने वर दाती, डोल्या मन

पूजा करे पूजा करे संसार माँ तेरी पूजा करे, तेनु पूजन ब्रह्मा जी आये, सरस्वती जी नु नाल ले आये,

माई दास धयानु भगत नेणे गुजर दी । लाज रखी तू लज पाल नी माँ । नैना देवीए नैना च

मिल जावेगा तेनु फेर सहारा दाती दा, शरदा दे नाल भगता बोल जयकारा दाती दा, कह के जीबा वेख पवित्र

ਸਭਨਾ ਦੇ ਕਾਜ਼ ਸਵਾਰੇ ਦੁਖੀਆਂ ਦੇ ਕਸ਼ਟ ਨਿਵਾਰੇ, ਇਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਸ਼ੇਰਾਂ ਵਾਲੀ ਮੇਰੀ ਹੈ ਮਾਤਾ, ਨੱਚੋ ਗਾਓ ਭਗਤੋ ਅੱਜ ਹੈ

नाचूँ ओढ़ चुनरिया लाल के मैया जी दयाल हो गईं, माँ ने कर दियां मालामाल अरे रे अरे मैं निहाल