
जबलपुर में काली विराजी हैं
तेरे दीदार को मैया , तरसे मोरी अंखियां दे दर्शन इस लाल को , जो आऊं तोरि दुअरिया अरे भगतन

तेरे दीदार को मैया , तरसे मोरी अंखियां दे दर्शन इस लाल को , जो आऊं तोरि दुअरिया अरे भगतन

तूं बन्देया की जाने माता के चमत्कारां नू । जे जीवन सागर तरना, तुफानां तो नहीं डरना । ओहदी रज़ा

गलियां और बाजार से देखो, सात समुद्र पार को देखो देता यही सुनाई, जय हो तेरी महामाई,जय हो तेरी महामाई,

दर ते बुला के बचैया नु ना लारा लाया कर, माँ असि ते दर तेरे रोज आइये कदे साढ़े घर

माता शेरवालडये तेरे चरना विच आन ख्लो गई, तेरी मैं हो गई वाह भी वाह मैं सेवक तेरी हो गई,

खोल खोल माये माये खोल मंदिरा दे बूहे खोल थक गईयाँ संगता जयकारे तेरे बोल बोल खोल खोल माये माये

मेरी मैया ने ओढ़ी लाल चुनरी हीरो मोती जड़ी गोटेदार चुनरी मेरी मैया ने………………. कमाल चुनरी ……..कमाल चुनरी झिलमिल सितारों

हे वीणा वादिनी सरस्वती हंस वाहिनी सरस्वती विद्या दायिनी सरस्वती नारायणी नमोस्तुते , हे वीणा वादिनी सरस्वती हंस वाहिनी सरस्वती

मेरी मैया मैं तेरा दर आ मल्लिया तेरा दर आ मल्लिया मैं तेरा दर आ मल्लिया मेरी मैया मैं तेरा

ये गोटेदार चुनरी निकली माँ ओढ़ के, मेरे घर आई मईया मंदिर को छोड़ के, ब्रम्हा भी आए विष्णु भी