
जय हे महालक्ष्मी माँ – शुभ दीपावली
जय हे महालक्ष्मी माँ, नैया मेरी पार करो । झोली फैलाए खड़ी, मैया भण्डार भरो ॥ तू है दयालु मैया,

जय हे महालक्ष्मी माँ, नैया मेरी पार करो । झोली फैलाए खड़ी, मैया भण्डार भरो ॥ तू है दयालु मैया,

साहनु अपने रंग विच रंग दातिए, बस होर न कोई दिल दी उमंग दातिए, चिंदर चुनावे सदा नूर तेरी जोत

झूले मोरी मैया झुलावे जोगणियां देखो गगन लाली छाई माँ झूला झूलन आ गई भवानी झूला झूलन आ गई माँ,

दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल, तू होवे सामने मैं होवा चरणा नाल, तेरे नाल मेरी मुलाकात हो जावे, मेहरा

मेरी मैया का ऐसा दरबार भीड़ यहाँ हर दम लगे, खुले सब के लिए माँ के दवार,भीड़ यहाँ हर दम

सुनले माता बाला सुंदरी तेरी ज्योत जगाई री, तेरे बिना मेरी कौन सुने माँ आके करो सुनाई री, सुनले माता

अब छोड़ के आजा माँ त्रिकुट पहाड़ो को माँ देदे आके सहारा बेसहारो को, अब छोड़ के आजा माँ त्रिकुट

माँ में संसार समाया ऋषि मुनियों ने बतलाया प्रभु ने खुद से भी है पुछा माँ है साथन बताया जगत

मैया जी तेरी माया समझ न आए, सागर की गहराई का जैसे कोई अंत ना पाए। हम हैं सभी खिलौने

माँ का है जगराता माँ को आज मनाएगे, जय माता दी बोल के सब जयकारे लायेगे, दिन आज ख़ुशी का