
मेनू नाम दी मस्ती चडी चडी
मेनू नाम दी मस्ती चडी चडी जी लख शुकराना मैया दा, माँ किरपा किती बड़ी बड़ी जी लख शुकाराना मैया

मेनू नाम दी मस्ती चडी चडी जी लख शुकराना मैया दा, माँ किरपा किती बड़ी बड़ी जी लख शुकाराना मैया

चल रे लंगूर केला देवी मैया तुझे बुलावे से, करले दर्शन केला माँ के सोये भाग जगावे से, मैं दिल

मैं ते मेरा परिवार माँ तेरा करजाई, तेरा छड़ना नहियो दरबार मैं तेरा करजाई, मैं ते मेरा परिवार माँ तेरा

तेरा दरबार ही मईया , बस मुझे प्यारा है यूँही झुकती नही दुनियाँ , मिले सहारा है तेरा दरबार ही

मैया घुंगरू पैरा दे विच पा के तेरी मैं मलंग हो गई आपा तेरे नाल लाई सारी दुनिया भुलाई होश

मैया शारदा भवानी, तो हर महिमा भखानी तो हर आरती उतरा तानी माँ, करा विद्या का दान वाणी बिटवा समान

माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे महाकाली रे, माड़ी वसाव्यु चांपानेर पावागढ़ वाली रे, माँ चांपा ते नेर ना

पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ. वारी बजार पारी बजार. बीच मैं शिवज्यू को मंदिर क्या भल लागैंछ. पाहाड जन्म

ग्यारस माता से मिलन कैसे होय कि पांचों खिड़की बंद पड़ी। पहली खिड़की खोलकर देखूं, कूड़ा-कचरा होय, मुझमें इतनी अकल

अश्कों को पी लेंगे होठों को सी लेंगे, जिस हाल में रखे माँ उस हाल में जी लेंगे, अश्कों को