
बड़ी देर हो गई,
बड़ी देर हो गई,माँ बड़ी देर हो गई, में अरजा गुजरिया,लखा अवाजा वी मैं मारिया, मैं किती बड़ी पुकार,माये तू

बड़ी देर हो गई,माँ बड़ी देर हो गई, में अरजा गुजरिया,लखा अवाजा वी मैं मारिया, मैं किती बड़ी पुकार,माये तू

मुहो जय माँ जय माँ बोली जा, खुशिया दे बूहे खोली जा, माँ दे दर तो है मिलनी तनु खुशिया

सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी, विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा। माँ शारदे कहाँ तू वीणा बजा रही हैं, किस मंजु ज्ञान

राम जी से पूछा हनुमान जी से पूछा, भेरो जी से पूछा घनश्याम जी से पूछा, कौन है वो जिसके

माँ ओ माँ मेरे भाग जगा दे बस इतनी करुणा बरसा दे, है यहाँ तेरा दर वही मेरा घर भी

चार चुफेरियो औनदियाँ संगता तेरे दर्शन पौंदिया संगता, मेरी चिन्तपुरनी माँ सब दियां चिंता करदी दूर माँ मेरी सोहनी शेर

जे है शोंक दीदार दा दिल अंदर, अखा प्रेम दे रंग रंगावा लेना , तेरी हर मुश्किल हर हो जासी

अजब करिश्मा अजब नजारे अजब है माँ का प्यार चलो आंबे के द्वार जगदम्बे के द्ववार, तीन लोक की रानी

आई सिंह पे सवार, मईया ओढ़े चुनरी ll ओढ़े चुनरी, मईया ओढ़े चुनरी l आई सिंह पे सवार, मईया ओढ़े

शृंगार गज़ब तेरा माँ किसने सजाया है, कही लग न जाए किसी की नजर, ताजे फूलो से आंगन महक रहा,