
तू दर्श दिखा दे दतिये
हो मारा विच जगराते मैं भी ताड़ियाँ दर खड़ियाँ ने संगता प्यारियाँ, तू आजा विच जगराते शेरवलिये तू आके दर्श

हो मारा विच जगराते मैं भी ताड़ियाँ दर खड़ियाँ ने संगता प्यारियाँ, तू आजा विच जगराते शेरवलिये तू आके दर्श

पहला सी गरीब साढ़े कुछ नहीं सी पल्ले, कर कर रेहमता तू भर दिते पल्ले, धन्यवाद करदे आ तेरा दातिए,

नौ दिन नवरात्रों के होते हैं पावन और वरदानी देवों ने भी स्वीकारा, है वेद-पुराणों की बानी मातु शैलपुत्री पहले

जिह्ना दे पूत नहियो ओहना नु पूत दे जिह्ना दे घर नहियो ओहना नु घर दे जिह्ना दे वर नहियो

खुशियों के फुले न समाये, अंगना में आई अम्बे माँ, आओ नाचे और गाये, अंगना में आई अम्बे माँ दुखड़े

साहनु देवो वदाहियाँ जी सादे माँ ने फेरा पाया है, समज ना आवे भगतो माँ न केडी जगह बिठाये जी,

जदों दा मैं आंबे रानी दर तेरे आया, मेनू रोंदे ताहि तू ही दतिये हसाया, जेहरे दिन तो मैं आया

जा उड़ जा काले कावा उड़के मैया के भवन में जाना, मेरे दिल की बाते जाके माँ को बतलाना, राहें

जय जय तुलसी माता, सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता सब योगो के ऊपर, सब

साडी झोंपड़ी च माएं फेरा पा , भावे थोड़ी देर लई आ , साड़े पुरे करदे चाह, भावे थोड़ी देर