
भगता चल चलिये
चल चलिये चल चलिये दरबार भगता चल चलिये. करना है दीदार भगता चल चलिये, जो भी माँ तेरे दर ते

चल चलिये चल चलिये दरबार भगता चल चलिये. करना है दीदार भगता चल चलिये, जो भी माँ तेरे दर ते

दिल दीवाना हो गया मेरा,दिल दीवाना हो गया देख कर सिंगार मां का,दिल दीवाना हो गया दिल दीवाना हो गया,मेरा

मन दी कुण्डी खोल तू भगता, जय माता दी बोल तू भगता, तेनु माता करू निहाल तू फिकर करी न,

इस धरती पर स्वर्ग से सूंदर है तेरा प्यार, हम पर रहे बरसता यु ही सदा तुम्हारा प्यार, तुम्हारा प्यार

कमाल करती माँ कमाल करती, जो भी आये इसके द्वारे कर दे उसके वारे न्यारे, बिन मांगे देखो माला माल

मन करे मोरा जाऊ माई के भवन मोरे हो , गुना वाली की शरण किये मन को मग्नन कर दू,

काम मुश्किल से मुश्किल आसन हो गया शेरावाली की शरण में आराम हो गया काम मुश्किल से मुश्किल आसन हो

तर्ज – मीठे रस से भरयोड़ी राधा….. विरात्रा री पहाड़ियों में धाम थारो , म्हाने लागे न्यारो म्हाने प्यारो प्यारो

तेरे दर पे आये है शीश झुका कर नमन करता हु मैं, दूजा कहा है कोई मेरा तेरे बिना मेरी

मैं आऊ तेरे दुआरे माँ, पाऊ दरस तुम्हारे माँ, हो जाये जीवन सफल मेरा, जब छुलू चरण तुम्हारे माँ…… जग