
जय ब्रह्मचारिणी माँ
जय माँ ब्रह्मचारिणी, ब्रह्मा को दिया ग्यान। नवरात्रे के दुसरे दिन सारे करते ध्यान॥ शिव को पाने के लिए किया

जय माँ ब्रह्मचारिणी, ब्रह्मा को दिया ग्यान। नवरात्रे के दुसरे दिन सारे करते ध्यान॥ शिव को पाने के लिए किया

माता रानी ने पुकारा चलो सा रा रा रा बडो बोल के जैकारा चलो सा रा रा रा है हवाओं

ओह दिसदा दरबार मैय्या दा ओह दिसदा खुले दर्श दीदार मैया दा ओह दिसदा ओह दिसदा दरबार मैय्या दा ओह

भागा नाल आई अज जागे वाली रात नी साडे घर आई सी ओ शेरावाली मात नी विच खुशिया दे नचना

बूहे खोल बूहे खोल बूहे खोल, असि दुरो दरा चौ आये चल के, माये नी बूहे मंदिरा दे खोल, असि

ध्यानु वंगु नच नच के आज शेरावाली मइयां नू मनाना, मैया दा द्वारे सारे जग तो न्यारा साहनु स्वर्ग तो

जय कामधेनु गैया, जय जय जय कपिला मैया | तेरे कारन ग्वाल बनो नटनागर कृषण कन्हिया || नंदनी तू सागर

जय जय माँ जय जय माँ जय जय माँ बोल भगता जयकारा शेरावाली /ज्योतावाली दा ओह वेखो आ गया द्वारा

रोनका लगाइयाँ भारी, करना आज दीदार मैया दा वारो वारि, रोनका लगाइयाँ भारी… कई ने साईकल कई ने पैदल कई

सोहणे माँ दे भगत प्यारे वारो वारी लाऊं जयकारे, वारो वारी लाऊं जयकारे करदे भगत कमाल जय हो, अज भगत