
चलो दरबार माँ दे
चलो दरबार माँ दे करलो दीदार माँ दे, मेहरा दिया नजरा करदी हर एक दी झोलियाँ भरदी, बोलो जैकार माँ

चलो दरबार माँ दे करलो दीदार माँ दे, मेहरा दिया नजरा करदी हर एक दी झोलियाँ भरदी, बोलो जैकार माँ

मर गयी लांगुरिया मैं प्यासी मर गयी लागुरिया रे कुल्लड़ रे कुल्लड़ कुल्लड़ फूट गयौ मोंटर मे प्यासी मर गई

मन को पावन करदो गंगा, जीवन कलश को धो धो गंगा, हर हर गंगे मैया जय जय गंगे मैया, कर

एहना दिता मैनु मैया के हिसाब कोई न, मेरी शेरावाली मैया दा जवाब कोई न, बड़ा कुछ दिता भोरा किती

माँ गंगे माँ गंगे माँ गंगे माँ , माँ गंगे माँ गंगे माँ गंगे माँ, हे पतीत पावनी गंगा कैसे

मैया जी तेरे मंदिरा तो, पेंदे ज्योत दे लिशकारे, माँ दिने है सूरज झुकदा, राती झुकदे अंबर दे तारे, मैया

धूम मची मैया के दरबार में भीड़ लगी है मैया के दरबार में दूर दूर से भक्त है आये लाल

धोक धरु मैं दिन रात म्हारी दुरगा माता थारे चरना में टेकू माथा माहरी दुर्गा माता धोक धरु मैं दिन

आज तेरा जगराता माता, आज तेरा जगराता, जगमग करती पावन ज्योति, हर कोई शीश झुकाता। माता माता माता माता… आज

आँचल में माँ अपने छुपा आंचल में तेरे दुनिया मेरी हो माँ बुरी नजर से बचा आंचल में तेरे दुनिया