
दर नचना मैं तेरे दर नचना
दर नचना मैं तेरे दर नचना॥। लाल लाल चुनिया गल विच पके ,नचना कमले होके मैं तेरे दर मैं नचना

दर नचना मैं तेरे दर नचना॥। लाल लाल चुनिया गल विच पके ,नचना कमले होके मैं तेरे दर मैं नचना

ਮਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਚੁੰਨੀਆਂ ਲਾਲ ਲਾਲ, ਤੇਰੇ ਸੋਹਣੇ ਚੰਡੇ ਲਾਲ । ਮਾਂ ਲਾਲਾ ਵਿੱਚ ਹੀ ਵਸਦੀ ਹੈ, ਤੂੰ ਲਾਲਾ ਦੀ ਲੱਜ

पंखिड़ा ओ पंखिड़ा पंखिड़ा ओ पंखिड़ा पंखिड़ा तु उड़ ने जाना पावागढ़ रे महाकाली से मिलके कहना गरबा खेलेंगे म्हारी

इतना प्यार करेगा कौन, माँ करती है जितना। पलकों की छाया में पाले, जान अदा कर जान संभाले। इतना ध्यान

जिन्दगी अब तुम्हारे हवाले कोई दूजा सहारा नही माँ, मेरी नैया भवर में फसी है कोई दीखता किनारा नही माँ

मियाँ जी, बडिया रोनका लाइया,नी आज तेरे भगता ने, बले जी आज तेरे भगता ने,छावा जी आज तेरे भगता ने,

नच लियो भइयाँ नच लियो अम्बे माँ के द्वार भइयाँ, पग की बेड़ी टूट जात है टूटे सब ज़ंजीरें, कट

तेरी महिमा न्यारी पूजे माँ तनु दुनिया सारी, ऐसी ता तेरे दर दे नौकर करदे मेहर इक वारि, तेरी महिमा

मेरी माँ से बड कर इस जग में है मुक्ति का दाता कोई नही सब लोग याहा है स्वार्थ में

जय जय जय जय जय जय जय माँ, मेरा चोंकियाँ भरण नु जी करदा. हे मैयां झंडे वालिये तेरी सेवा