
नाचे गे हम सब जगराते में
मैया भुला ले नवराते में, नाचे गे हम सब जगराते में, माँ की मूरत बस गई आँखों में, नाचे गे

मैया भुला ले नवराते में, नाचे गे हम सब जगराते में, माँ की मूरत बस गई आँखों में, नाचे गे

चंडी है महाकाल कालिका खप्पर वाली रूप धरी विकराल कालिका खप्पर वाली

नच नच माँ नु मना लो माँ दे भगतो, मइयां दर माँ दी हाजरी लगा लो माँ दे भगतो, नच

सौन महीना रुत सुहानी रंग अम्बरा तो बरसे, मेला दाती दा लगाया सोने दर ते, झंडे झोले दुनिया संगता शरधा

तेरा लख लख शुकर मानाने आ, तेरा ही दित्ता खाते हैं । तू जद वी बुलाती है मैया, हम दौड़े

तूने सिद्ध कर दुनिया के काज दातिए, कभी मेरी भी तो रख ले लाज दातिए, गिन गिन चढ़ी है चढ़ाई

सुनो भवानी अरज हमारी दया करो माँ कृपा करो माँ, शरण में बैठे है माँ तुम्हारी दया करो माँ कृपा

मुख दुनिया मोड़ेगी दातिए तू मुखड़ा ना मोड़ी, सदिया लगियां प्रीता नु दातिए तू एवे ना तोड़ी, तेरे खातिर अम्बे

जय शारदा माँ जय शारदा माँ जय शारदा माँ, सुबह सवेरे जपो शारदा माँ बन जायेगे तेरे बिगड़े काम, हाथ

मेरी मैया शेरावाली है मैं गुण मैया के गाऊगी मेरी मैया बड़ी ही दयालु है मैं फुले नही समाऊगी मेरी