
तेरी दया के किस्से दुनिया को मैं सुनाऊ
तेरी दया के किस्से दुनिया को मैं सुनाऊ, जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ, जितना भी तेरे दर

तेरी दया के किस्से दुनिया को मैं सुनाऊ, जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ, जितना भी तेरे दर

आठ ही के काठ के कोठरिया हो दीनानाथ , रूपे छा ने लागल केवाड़ आठ ही के काठ के कोठरिया

कीर्तन में ताली बजाने पड़ेगी चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी हाथ उठा के बजाओ ताली मैया भर दे झोली खाली

ऐसी आँखें बना दो मेरी माँ बस मुझे तू ही तू दिखे, तेरे चरणों में हो सारा जहा बस मुझे

श्रद्धा और यकीन से भगतो माँ की ज्योत जगाई, आज लादले भक्त के घर में मात वैष्णो आई, तन मन

तेरा ही सहारा हमें तेरा ही सहारा, पहाड़ी वाली माता हमें तेरा ही सहारा । कौन जगत में ऐसा जिसे

बेड़ी पार लगा दे माँ मैं ता मिनता तेरिया करदी दुःख दर्द मिटा दे माँ मेरा होर कोई न दरदी

माता रानिये सानू तेरी सदा लोड ए तैनू पता केहड़े घर केहड़ी शह दी थोड़ ए दयावान होके तू माँ

मेरे विच ना मैया जी गुण कोई ओगुना दी मैं भरी हां कोई गुण ना कोई गुण ना कोई गुण

दर माता दे जा के मंग ता सही, पूरी हॉवे न थोड ता मेनू फड लाई आसे पासे तेरे गम