
मेरे मन मंदिर में माँ , सुबह शाम तुम्हें देखूं
मेरे मन मंदिर में माँ , सुबह शाम तुम्हें देखूं, कण कण में देखूं, हर पल में तुम्हें देखूं, मेरे

मेरे मन मंदिर में माँ , सुबह शाम तुम्हें देखूं, कण कण में देखूं, हर पल में तुम्हें देखूं, मेरे

मेरी मियां ने किया उपकार माँ घर मेरे आई है, जोट जलाऊ गई चुनरी चड़ाउ गी आंबे मैया को मन

तीनो लोक में है तेरा बोल बाला, हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला, याहा बोल बाला वाहा बोल बाला, हे

आंबे रानी ऐसी किरपा करदो, जो भी दर आये माँ झोली भरदो, सारा जग है माँ दर का सवाली, कोई

जय माता दी बोलो सारे जय माता दी बोलो , जय माता दी सारे बोलो, जय माता दी बोलो सारे

रात जागे वाली आई तेरी ज्योत माँ जगाई, सारे दिंदे ने बधाई ख़ुशी चढ़ीया ने लाइ, तेरे नाम विच रंग

और इस दिल में क्या रखा है, माँ का नाम छुपा रखा है, चीर के देखो दिल मेरा तो, माँ

पंच कंजका दे बाद नि माये पेहला लेंकड़ा पाया तेरा शेर मेरे घर आया हर वारी मैं रखा नवराते माँ

मौसम भी होया बड़ा ही रूहानी बदला च चमक्दी तार आसमानी है, पेंडिया फुहारा ठंडी हवा भी चलाई है, देखो

मुँह फेर जिदर देखु मुझे तुही नजर आये, माँ छोड़ के दर तेरा, कही और किदर जाये माँ, गेरोने तो