
बचेयाँ निमानिया दा मान रख ला
बचेयाँ निमानिया दा मान रख ला, देके सहनु दर्श माये माँ आन रख ले, मान रख ले … माँ कदे

बचेयाँ निमानिया दा मान रख ला, देके सहनु दर्श माये माँ आन रख ले, मान रख ले … माँ कदे

माँ तेरे आये नवरात्रे तेरे घर घर होये जगराते, गली गली माँ चौंकिया हुन्दियां हुन्दे ने जगराते, माँ तेरे आये

तू दुर्गा मैया है भवानी काली है पहाडा वाली है जय माँ जय माँ जय जय माँ जिधर देखता हु

रंग चढ़ गया माँ बड़ा लाल अज ते कमाल हो गई कमाल हो गई जी कमाल हो गई रंग चढ़

रण चंडी तूँ, है महाँकाली, पाप भस्म, कर देने वाली, *अष्ट भुजी माँ, शक्तिशाली, **वार तेरा न, जाए ख़ाली,,,( जय

पहाड़ो का नज़ारा वो मुझे अब याद आता है हर इक बन्दा है मस्ताना दीवाना याद आता है पहाड़ो का

केकरा खातिर ऐ भउजी करेला बतीया, केकरा खातीर दे बेलू अर घी या न….. सइया खातिर ये देबरू करेल

मईया अपनी कृपा तू बनाये रखना, भूल से कोई पाप मुझसे हो जाये माँ, मेरी चूक से नजर हटाये रखना,

किसे रंगा रिजा नाल चोला किस रंगियां, मेरी मैया जी दा चोला किस रंगिया, चोले दी शान निराली शान है

एहना अखियां नु दर्श दिखा, मैं दर आनी आ माँ मैं तरले पानी आ अखियां ने रज रज दर तेरे