
ॐ जय जगदानन्दी मैया
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी। ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हरि शंकर, रुद्रौ पालन्ती। ॥ ॐ जय जगदानन्दी…॥

ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी। ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हरि शंकर, रुद्रौ पालन्ती। ॥ ॐ जय जगदानन्दी…॥

एह बख्सनहारेया बख्श लवी ऐब गुनाह सब मेरे छड के झूठी दुनिया दाती आन डिगा दर तेरे बावे वालिये मैं

मेरे हाथो की लकीरो का तमाशा क्या मैं जानू मानु मैया मैं तो तुम को ही मानु लाया न मैं

इक नजर मेहर दी कर माये मैं मलय तेरे दर माये, मेरी आस पूजा दे माँ मैं नोकर तेरे दर

जय अंबे जागोद्धारिणी, जय माते नारायणी, जय हे दुर्गती हरिणी , जय जय हे व्याघ्रासिनी ॥ शुभमति

हो गये बस हो गये माँ हम तेरे दीवाने, दीवाने हम कैसे हुए है मैं जानू या तू जाने, हो

नव रात के दुर्गा वो,शीतला भवानी जुड़वास के, पुन्नी के चंदा पुनवास के, नव रात के दुर्गा वो.. नव दुर्गा

दातिये बछड़े तेरे रानिये बछड़े तेरे, तू है जग दी दाती साड़ी शेरा वाली माँ, दातिये बछड़े तेरे रानिये बछड़े

मैया को नाम अनमोल बोलो जय माता दी गंगा भी बोले मैया यमुना भी बोले मैया , सरयू की धार

आना शेरावाली माँ हमारे जगराते में आंबे को लाना जगदम्बे को लाना आँचल की कर देना छा हमारे जगराते में