
दिल्ली सूबे के पास में एक बसे गुरुग्राम धाम
दिल्ली सूबे के पास में एक बसे गुरुग्राम धाम, बैठी माता शीतला दिल्ली सूबे के पास में ….. जब आवे

दिल्ली सूबे के पास में एक बसे गुरुग्राम धाम, बैठी माता शीतला दिल्ली सूबे के पास में ….. जब आवे

लंगुरियां ले चल माँ के द्वार, याहा विराजे वैष्णो रानी शक्ति की अवतार , लंगुरियां ले चल माँ के द्वार,

शेरावाली ने मौजा लाइयाँ हूँ कोई थोड़ न रही, मेरी माँ दी ने वडाईया हूँ कोई थोड़ न रही, शेरावाली

चले आबे ओ दाई अंगना म मोर, सोला सिंगर करके लाली चुनरियाँ ओह्ड़े, आवत अंगना बटोरे हो मईया मोर ,

जय माता दी बोल भगता जय माता दी बोल, जय माता दी बोलन लगियाँ हो न डावाडोल, जय माता दी

आज होना दीदार मैया दा आज होना दीदार, आज मैया ने औना ही औना आज मैया ने औना, आज हवावा

माँ मेरा दिल रजेया ई नही, मैं आया तेरे दरबार, करन लई माँ दे दर दीदार, मेरा दिल रजेया ई

गड्डी उत्ते शेरां वाली माँ लिखवाया गल विच मुरती नु मईया जी दी पाया, असी शेरावाली माँ दे शेह्जादे साड़ी

लेहर लेहर लेहराए चुनरियाँ माता की इधर उधर बल खाए चुनरिया माता की लेहर लेहर लेहराए चुनरियाँ माता की लाल

सुन माँ मेरिये मने चूड़ी पहनादे, उस दाता के दरबार की, मने चूड़ी पेहना दे माई मेरी मेरे दाता के