
शेरावालिये दर्श दिखा आसा बड़ियाँ ने
तेरा सजेया है दरबार माये हो रही जय जय कार, तेरी हो रही जय जय कार ते संगता खड़ियाँ ने,

तेरा सजेया है दरबार माये हो रही जय जय कार, तेरी हो रही जय जय कार ते संगता खड़ियाँ ने,

मैं तो जागरण रखायो, माजीसा रे नाम को, आई शुभ घड़ी आई, म्हारे आंगणिये रे माय, थे तो आओ नी

एक तमना माँ है मेरी दिल में वसा लू सूरत तेरी, हर पल उसी को निहारा करू मैया, मैया मैया

मौली घुट उते बन लई माँ दे नाम दी, साड़ी हर गल महा माई मन लाये गई, धूल मथे उते

घोड़ा गाड़ी घोड़ा गाड़ी, जिसमें बैठी शेरावाली माँ, चलाने वाला लांगुरिया। सोने का गढवा गंगा जल, पानी पियो मेरी शेरावाली

भूल भुलेखे जदों साडी याद आवे, सानु याद कर लई गुफा विच बैठी ये जे दिल घबराए तेरा, ते सानु

साँचा है तेरा दरबार मइया शेरावाली, ऊँचे ऊँचे पर्वत वाली सचिया सचियाँ ज्योता वाली, तू ही दुर्गा तू ही काली,

माँ तेरी दहलीज़ ते, की एहो जिहा हो गया, भरिया भरिया सी दर तेरा, क्यों सुन्ना सुन्ना हो गया, लगदीयां

तेरे बिन झूठा है ए संसार माता, झूठे रिश्ते सारे झूठा परिवार माता, सब मतलब दे साथी इथे कोई ना

मेरा किसे ना पूछिये हाल माँ मैनु ला चरना दे नाल माँ माँ तेरे दरबार दी ऊँची निराली शान है