
लम्बोर धाम में जो भी माँ का दर्शन करने आते हैं
लम्बोर धाम में जो भी माँ का दर्शन करने आते हैं चरणों में शीश झुका के माँ का आशीष पाते

लम्बोर धाम में जो भी माँ का दर्शन करने आते हैं चरणों में शीश झुका के माँ का आशीष पाते

है महान ममता माँ की केहते ग्यानी ध्यानी देती है दया का दान सब को माँ भवानी है महान ममता

अपने बच्चो की पल पल रक्शा करने वाली ये है शेरावाली, चंडी बन कर दुष्टो का अंत करने वाली ये

मैया का दरबार है, मैया के दर्शन को मन मेरा बेकरार है, माँ का दरबार है माँ का दरबार है,

असी लाल तेरे तू ऐ साड़ी माँ, एहदा ऐ मेहरा करदी रवी, रखी बचियाँ ते ठंडी मीठी छा, एहदा ऐ

गरीबी बहुत बुरी हे माँ शेरावाली, दोडी तो दोडी मैं खाती गई थी रे सुन भाई खाती के माँ की

आओगे जब तुम अम्बे के द्वार मिलेगा तुम को मैया का प्यार बड़ी रहम वाली है मेरी मा अम्बे, आओगे

भगे शेर दी सवारी तेरी शेर दी सवारी साहनु लगदी प्यारी, साहनु लगदी है जान तो प्यारी मैया जी भगे

बरसा तेरा प्यार मेरे परिवार पे माता रानी, आज मेरे घर में भी जागी तेरी ज्योत नूरानी, मैं लख लख

खोलो अँखिया ते दर्शन पालो माता दी सवारी आई जे, सारे मिल के जैकारा इक ला लो माता दी द्वारी