
धीरे धीरे चली आना माँ धीरे धीरे
धीरे धीरे चली आना माँ धीरे धीरे अरे मैया के माथे में सिंधुर सोहे, अरे टिकली लगा के चली आना

धीरे धीरे चली आना माँ धीरे धीरे अरे मैया के माथे में सिंधुर सोहे, अरे टिकली लगा के चली आना

कंठ में आन वसो मैया मैं सुमरो तेरो नाम, केसों में कंकाली माता, माथे मनसा देवी माता जी, आँखों में

माँ शारदे जय भवानी शारदे, शारदे शारदे शारदे… तू ज्ञान दे वरदान दे सुर की पहचान दे माँ शारदे जय

रूचि रूचि भोग लगाओ मेरी मैया, प्रेम से भोग लगाओ मेरी मैया, पेड़ा बताशे का भोग हमारा, हलवा चना का

मैय्या तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है तू ही मेरी नाव कि मांझी तू ही पतवार है मैय्या तेरे ही

मैया ओढ़ चुनरिया लाल के बैठी कर सोलह शृंगार, बड़ी प्यारी लागे बड़ी सोहनी लागे, लाल चुनरियाँ चम चम चमके

मैया के चरणों में सिर को झुका के भेट नारियल चुनड़ी चढ़ा के, नाचो रे हिला कर कमरिया भजन शेरावाली

वर देवे जे इक मैनु माये, मैं तेरे कोलों तैनु मंग लॉ आस मेरी जे इक तू पुगाये मैं तेरे

माईये नी मैं मेहंदी हा, कलिया रंगदी रेह्न्दी हा, कर कमला नु तू वी रंगा लै, हथ जोड़ के केहनी

अम्बे रानी नहियो लगदा दिल मेरा, दातिए आसरा है इक तेरा, अम्बे रानी नहियो लगदा दिल मेरा, इधर जावा ओधर