
ढोलइए ने ढोल वजाया घज
ढोलइए ने ढोल वजाया घज के भगता नु आज वी नचाया रज के, बच्चे खुश रहन सदा माँ वी खुश

ढोलइए ने ढोल वजाया घज के भगता नु आज वी नचाया रज के, बच्चे खुश रहन सदा माँ वी खुश

सोहने सोहने झंडे मैं साईंकल ते लावा गा चिन्तपुरनी माँ दा दर्शन करके आवा गा, साला बाद एह दिन है

मैया मेरी मैया तुम देखो मेरी और काले बादल छाये है अँधियारा घनघोर तेरी और देखूं मैया तुम्हे ही निहारूं

जोर से बोलो जी मैया का जैकारा, जो मांगो सो देवे दाती बैठी खोल भंडारा, जोर से बोलो जी मैया

ध्यान करो माँ नव दुर्गा का जिसने जगत बनाया, नो दिन त्यौहार है आया नो दिन का त्यौहार प्रथम छेल

नवरात्रों में नो चुनिया मैं लाइ मातारानी नो के नो व्रत रखे तेरी बेटी ने महारानी, पूरी नो कंजको को

शेरावालिये माँ ज्योता वालिये, आया तेरे दर सहारा देदे दातिए, शेरावालिये माँ ज्योता वालिये, अपनी ममता के अंचल में माँ

माँ छोटा सा घर मेरा तुझे कहा बिठाऊ, तू ही ये बता दे तेरा कहा भवन सजाउ, माँ छोटा सा

आयी आयी दिवाली ल्याई खुशियां लिछमी माय जगमग जगमग चमके दिवाला, ओमायड़ जगमग जगमग …… सरद पूनम न …. खीर

मैया तुमसे मेरी छोटी सी है अर्जी, मनो या ना मनो आगे तेरी मर्जी, मावड़ी रखले तू चरणों के पास,