
मैं हु दासी तेरी दातिए
मैं हु दासी तेरी दातिए, सुनले विनती मेरी दातिए, मैया जब तक जियु मैं सुहागन राहु, मुझको इतना तू वर्धन

मैं हु दासी तेरी दातिए, सुनले विनती मेरी दातिए, मैया जब तक जियु मैं सुहागन राहु, मुझको इतना तू वर्धन

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो, मैया जी मुझे दर पे भुलाती रहियो, ये दुनिया इक भूल भुलइयाँ, चलना नहीं

आरती भाये सुमिरन छाये,अंतस गाये हो, सोहे वो दियना दाई जगमग जगमग वो, मनहर साये ओ मोर दाई…. आखि आखि

भगत प्यारे लाऊंन जयकारे लाऊंन जय कारे भगत प्यारे माँ तेरी लगदी संगत प्यारी माँ तेरे मंदिरा ते जय हो

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है, उच्चे पर्वत में महारानी ने दरबार लगाया है, सारे जग में एक

देखो देखो यह शोभा महारानी की | कांगड़े में जगमग ज्योति, यह शोभा महारानी की || कांगड़ा गढ़ चंगा, पहाडा

अर्जी माँ के दर पर जो लगाए ॥ सारे दुःख कस्टो से मुक्ति पाए, अर्जी माँ के दर पर जो

तुम दिल से पुकारोगे माँ दौड़ी चली आएगी आपने इन भगतो को मईया दर्श दिखायेगी माँ जानती है सबको पहचानती

तीन लोक चौदह भवन मैंने देखा सब संसार, सबसे ऊँचा सबसे न्यारा है तेरा दरबार, मां शेरावाली कृपा करो एक

तेरी किरपा से मैया चलता गुज़ारा झूठे जहाँ में हमको तेरा ही सहारा तेरी किरपा से मैया ……………. नौ दिन