
मैया की लाल चुनरी
ओडी ओडी रे मैया जी ने लाल चुनरी लाल चुनरी गोटेधार चुनरी ओडी ओडी रे मैया जी ने लाल चुनरी

ओडी ओडी रे मैया जी ने लाल चुनरी लाल चुनरी गोटेधार चुनरी ओडी ओडी रे मैया जी ने लाल चुनरी

घर घर सज रहे है दरबार आ गए मैया के नवराते, आ गए मैया के नवराते ॥॥ घर घर सज

तेरे नाम का जैकारा माँ ,दुख संताप हरे सबके बांधो रे सर पे लाल चुनरिया ,भक्तो चलो माँ के दर

आ गये मैया जय तेरे नाम दे दीवाने, तेरी संगतां दे सेवा,करन बहाने, आ गए,,,, दिल विच तेरा प्यार बसाया,

भगवती के चरण का तू दर्शन करे अपने सारे दुखो का समापन करे माँ अमीरों की है तो गरीबो की

तू ही आस मेरी विस्वाश मेरा तेरा करजई है माँ हर स्वांस मेरा रखी विच सबा दे लाज मेरी नादान

आए नवरातों के तयौहार-मैया तेरी जय होवे जय होवे तेरी जय होवे- खुशियों की हुई बौछार-मैया तेरी जय होवे ऊँचे

मेरी माँ दे खेड़ न्यारे सारी दुनिया लाउंदी जयकारे, ओहदे करदी वारे न्यारे,जो शीश जुका जांदा, बिना मंगिया ही माँ

कैसी यह देर लगाई दुर्गे, हे मात मेरी हे मात मेरी। भव सागर में घिरा पड़ा हूँ, काम आदि गृह

लक्ष्मी का वास हो जिस घर में उस घर में रोज दिवाली है तुमसे ही इज्जत मान मिले हर आशाओं