
मैया की कृपा
मैया की किरपा जिस में उस घर में खुशियाँ रेहती है, देखो सुख की गंगा बेहती है माँ तेरा दरबार

मैया की किरपा जिस में उस घर में खुशियाँ रेहती है, देखो सुख की गंगा बेहती है माँ तेरा दरबार

मैं जग दाती दे लड लगी हां मेरे तो गम भरे रेह्न्दे, मेरी आसा उमीदा दे सदा बूटे हरे रेह्न्दे,

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है, लागे वेमिसाल करे भगतो ने निहाल है मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल

चंद्रघन्टा माँ से अर्जी मेरी, मैं दास बनु तेरा अब जैसे मर्जी तेरी, दस हाथ शुशोभित है, सोने सा रूप

छोटी छोटी कजंका छोटी छोटी माँ छोटे से चरणों मे सारा ही जहाँ छोटे छोटे नैनो ममता अपार, छोटे छोटे

माये ये नो दिन ज्योत जलाई तेरी आज करते है मिलकर विधाई तेरी, बन पड़ा हम से जैसा माँ सेवा

मेरी माँ का भुलावा आया मेरा सोया भाग जगाया, भवनों से भोली माँ ने सन्देश मुझे भिजवाया, सुन ली पुकार

आज सुहानी रात है भगतो जगराते दी आई, सब संगता ने आके दर ते रौनक खूब लगाई, जय माता दी

माता रानिये माता रानिये, चुड़ी चुनरिया चढ़ाऊ आंबे रानी माथे पे बिन्दा सजाउ रे, नित नित आंबे रानी दर्श करू

पर्वत पर रहने वाली शेरों की करे सवारी भक्तों के कष्ट मिटाए मैया ये भोली-भाली मैया तो दौड़ी आती है