
आज भरे दरबार
आज भरे दरबार करिश्मे देखो गे कब मैया के, हीरे मोती बरसेगे मैया की लाल चुनरिया से, आज भरे दरबार

आज भरे दरबार करिश्मे देखो गे कब मैया के, हीरे मोती बरसेगे मैया की लाल चुनरिया से, आज भरे दरबार

चरणों में खड़े सवाली ले पूजा की थाली,, भक्त जनों सब मिलकर बोलो जय अम्बे जय काली . चरणों में

गंगा किनारे दरबार है तेरा, कर दे माँ मेरी नैया तू पार, गंगा किनारे दरबार है तेरा, ऊँचा भवन तेरा

लगइयाँ रोनका शेरा वाली दे द्वार, फुला नाल सजाया है महारानी दा दरबार, लगी किनारी लाल है चोला माथे माँ

आये माँ के नवरात्रे खुशिया मानो रे, घर घर होते है जगराते महिमा गाओ रे, भवन बनके घर को सजा

लाल लाल चोला मैं लाई रे जाके मैया से केह दो, जा पोंह्ची मैं जम्मू कटरे पहाड़ो पे चढ़ के

आये शरण में मैया भक्त तुम्हारे जीवन सुखी हो माता तेरे सहारे, आपने भक्तो को दो ऐसा वरदान मैया जी,

रंगना में तन मन रंगना, फुला दिया विशावा पतियाँ, तारियाँ दियां जगावा बतियाँ, रंगना में तन मन रंगना …. बेनती

मन में तुझे वसा के करलेंगे हम वंदना रे, पूजा करेंगे तेरी चरणों में रहंगे तेरे, मन में तुझे वसा

चलो रे भगतो माँ के मंदिर जायेगे सुंदर गेहने लाल चुनारिया माँ को चड़ाये गे, चलो रे भगतो माँ के