
बस यही लिख दे माँ
बस यही लिख दे माँ लिख दे तकदीर में मेरी, इ माँ मैं राहु सदा सेवा में तेरी, श्याम सवेरे

बस यही लिख दे माँ लिख दे तकदीर में मेरी, इ माँ मैं राहु सदा सेवा में तेरी, श्याम सवेरे

श्रधा से जो भी आता है मैया तेरे भवन, बिन मांगे सब मिल जाता है खुश हो जाता मन श्रधा

मन लग दा नही किते टिकदा नही, मन टिकदा नही किते लग दा नही, ओहनू मेरी याद आ रही है,

जब से तेरी मेरी मुलाक़ात हो गई सारे कहते है करा मात हो गई इक वो जमाना था थॉर न

ढोल वाज्दा नि तुम्बा वजदा, मैया तेरा द्वारा देखो कैसा सजदा, ढोल बजाओ ताशे बजाओ माँ शेरावाली को नाच मनाओ,

मैया जी सानु रोज ही मिलया करो, कोई गल सुनानी हुंडी है, दर्शन दे प्यासे नैना दी माँ प्यास बनानी

मेरी माँ बन गई हो तुम जो मेरे राह में छींट दे रोशनी, वो दीया बन गई हो तुम मेरी

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ सिंह की सवार बनकर रंगों की फुहार बनकर पुष्पों की बहार बनकर सुहागन का

मेरी औकात से जयदा मुझे मैया दियां तुने, कभी माँगा न था इतना मुझे जितना दियां तूने , मेरी औकात

तू बहाँ मेरी फड़ लै, फड़ दा न कोई , तेरे भजो माये मैं जौन्दी न मोई, तू बहाँ मेरी