
माँ भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन
माँ भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन, माटी हमारी पूजा, माटी हमें है वंदन, मेरे अवध की सरयू श्रीराम

माँ भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन, माटी हमारी पूजा, माटी हमें है वंदन, मेरे अवध की सरयू श्रीराम

शेरावाली तू माँ ज्योता वाली सारे जग से मइयां निराली, के सच्चा दरबार माँ तेरा के साँचा दरबार माँ तेरा,

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए रेहमता दा मीह बरसाजा अमिए साडे घर साडे घर

लफ लफ जीभ निकाली मैया, लाल लहू खप्पर में भरे, काल नाशनी काली मैया जय काली कल्याण करे, जय काली

मेरी होली दुशेरा दिवाली तेरी किरपा से है शेरावाली, मेरे आंगन में ये खुशहाली तेरी किरपा से है शेरावाली, माथे

हसदा जा मुस्कानदा जा तू नाम ध्यानदा जा मिल जायेगा दर उसदा जैकारे लांदा जा पर्वत दी चोटी ते इक

माँ तेरा द्वारा पावन प्यारा दर तेरे आके हुआ जो कमाल मैं निहाल मैं निहाल मैं तो निहाल हो गया

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी तू आके एहदे लग चरनी तेरे आपे कम सवारे

उचियाँ पहाड़ा विच तू माँ वसदी, सच्चे नाम वाली तेरी माँ ज्योत जग दी, झंडे झुल्दे ने सदा तेरे नाल

मॉं का दरबार है यह, यहॉं मॉं का ठिकाना है। मॉं के चरणों में हमें, सब ही को आना है