
किनी सोहनी लगदी ऐ तेरी ज्योत दातिये
आज जागे दियां खुशियाँ चडीयाँ औन दी तेरे उडीका बडीया भगत प्यारे तक दे ने तेरी ओट दातिये किनी सोहनी

आज जागे दियां खुशियाँ चडीयाँ औन दी तेरे उडीका बडीया भगत प्यारे तक दे ने तेरी ओट दातिये किनी सोहनी

जो सब तो छोटी बड़ा दर्द है भरेया मैया ओ चिठ्ठी मेरी है सहनु पता तेरे कोलो टाइम नही माँ

जय काली काली माँ जय जय काली माँ, माँ काली हो माँ खपर वाली हो गेहरी काली रात मैया निकली

माईजी असी एने विच खुश हां …… तेरा प्यार मिले दीदार मिले, बच्या नू लाड़ दुलार मिले ।। माईजी

फूल न तरोड़ मालने पते पते विच शेरावाली माई हथ मेरे विच गंगा जल गडवा मेरी माता नु इशनान कराई

मेहँदी ओ मेहँदी इतना बता दे, तूने कौन सा काम किया है, खुश होकर मैया ने तुमको हाथो में थाम

भोले तेरी भांग की घुटाई मार गई गोरा तेरी रोज की लड़ाई मार गई पाडा मत लान की सुप्लाई मार

मेहरबानी मेहेरबानी मेहेरबानी करो माँ नज़रें करम तो भक्त पे एक बार करो माँ मेहरबानी मेहेरबानी ………………. चरणों की मैया

रात मैया जी मेरे सपने में आई, दर्शन दे गयी सारा रारा रारा रारा। चुनरी जब माता को ओडाई, चुनरी

गुफा सुहानी विच्च भवानी आप वसदी, माता मेरी सब दे दिलां दे हाल दसदी। माँ पहाडां दे सोहने नज़ारे, किते