
अरी मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने
अरी मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने, मैया मोहे बहुत दुख दीन्यो दाऊ के भैया ने, मारग में मिल गये

अरी मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने, मैया मोहे बहुत दुख दीन्यो दाऊ के भैया ने, मारग में मिल गये

बांके की बांकी सरकार देखो वृद्धावन में, बांके नैनो से झलकता जो प्यार वृद्धावन में, बांके बिहारी की बांकी सरकार….

देखो देखो यह गरीबी, यह गरीबी का हाल, कृष्ण के दर पे यह विशवास ले के आया हूँ । मेरे

कान्हा जो तू मुस्काया जो हसना सिखाया मुरजाई कलि खिल गई खाटू में तेरे जो आये कलाई पकडाए तुम्हारी लाडली

क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली हमे तेरा ही इक सहारा है, हमे तेरा ही इक सहारा है, ऐसी कौन सी

चलो नन्द बाबा के द्वारे याहा बाल गोपाल पधारे हुई पावन भूमि ये सारी, बोले सारे नर और नारी भादों

मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन, रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम । करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए, बृज में

छोड़ी मैंने मेरी ज़िंदगी तेरे भरोसे सांवरे तेरे भरोसे, मेरा हर गम मेरी हर ख़ुशी तेरे भरोसे ओ श्याम बाबा

जिनके नाम से सुमिरन से ही बन जाता हर काम, देवो में है देव निराला राम भक्त हनुमान, धुन राम

करदो शिफारिश मेरी श्यामा प्यारी लेले श्याम शरण में, करदो शिफारिश मेरी श्यामा प्यारी, तरस तरस के बरस रहे है