
मोहन तेरे दर से मैं खाली नहीं जाऊंगा
मोहन तेरे दर से मैं खाली नहीं जाऊंगा, तेरा होकर तुझको, अपना कर जाऊंगा, सब कहते हैं मोहन, तुम बड़े

मोहन तेरे दर से मैं खाली नहीं जाऊंगा, तेरा होकर तुझको, अपना कर जाऊंगा, सब कहते हैं मोहन, तुम बड़े

पीला दे वे श्यामा अपने नाम दी मस्ती, तेरे पीछे असा गवा ली अपने नाम दी हस्ती, एक एक बून्द

मेरे सांवरे सरकार तुम्हारा क्या कहना इकलौते लखदातार तुम्हारा क्या कहना हारे के सहारे बाबा शीश के तुम दानी दुनिया

मैं ता श्याम मनाना नि चाहे लोक बोलियाँ बोले, मैं ता वाज न आना जी चाहे लोक बोलियाँ बोले, मैं

मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से एक बार, कृपा कर भानु दुलारी, राधे बरसाने वारी । गोलोक के ठाकुर

मिल जय गो सावंरिया तू राधे राधे राधे गाये जा, जिसने राधे नाम लियो मेरा श्याम उसे मिल जाये, अरे

मोर मुकट की देख छटा, मेरा मन हो गया लटा पटा, मोर मुकट की देख छटा.. मैं जल भरने गई

एक बार फिर आ कन्हैया, देश की नैया फिर है खतरे में आ के इसे बचा , एक बार फिर

जटा में गंगा को जिस ने है बाँध लिया सोने की लंका का रावन को दान दिया हाथो में तिरशूल

तेरो लाल यशोदा छल गयो री मेरो माखन चुरा कर बदल गयो री मैंने चोरी से इसे मटकी उठाते देखा