
आप क्या जानो ए श्याम सुन्दर
आप क्या जानो ए श्याम सुन्दर, कैसे तुम बिन जिए जा रहें हैं । तेरे मिलने की उम्मीद लेकर, गम

आप क्या जानो ए श्याम सुन्दर, कैसे तुम बिन जिए जा रहें हैं । तेरे मिलने की उम्मीद लेकर, गम

लगिया प्रेम दिया अखिया नी माँ नाल मुरली वाले दे नाल मुरली वाले दे,नाल बंसी वाले दे मोहन मेरा मुकटा

मेरी लाड़ली के जैसा कोई दूसरा नहीं है, यहाँ बरसे किरपा हर पल बरसना वो यही है, मेरी लाड़ली के

खिवईया बन कर कन्हैया आओ नही तो सांसे ये या रही है बचा लो बन कर के नाव ये माझी

मेरे श्याम से मिला दो मुझे, आया दर पे सुदामा ये बता दो उसे, मेरे श्याम से मिला दो मुझे,

मेरे साँवरे का प्यार सदा , मुझपर यूँ बरसता रहता है बंद नैनो से, भी मुझको बस , दीदार इन्ही

घुर घुर के देखे मुझको रोज करे बदनाम मटकी फोड़ धरा मेरा नाम माखन चोर कहे सुबह शाम रोज उल्हाने

आज है आनंद बाबा नन्द के भवन में, ऐसा न अनदन छाया कभी त्रिभुवन में, आज है आनंद बाबा नन्द

मेरे श्याम की सूरत प्यारी जो देख लूट लूट जावे सूरत पे, लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर

राधा को रंगने को कान्हा आये गा, मीरा को रंगने भी कान्हा जायेगा, सखियों के संग खेलेगे कान्हा जी, प्रेम