
गोकुल से आया कान्हा गोकुल से रे
गोकुल से आया कान्हा गोकुल से रे हाथो में बंसी लेके तेरे लिए रास रचाए चलो रास रचाए, झूमे नाचे

गोकुल से आया कान्हा गोकुल से रे हाथो में बंसी लेके तेरे लिए रास रचाए चलो रास रचाए, झूमे नाचे

जिस के जप तप से मिलता है तन मन को आराम, वो राधा का श्याम वो मीरा का घनश्याम, सारे

आया कान्हा के जन्मदिन नाच लो रे जन्माष्ठमी का शुभदिन नाच लो रे मेरे श्याम का जन्मदिन नाच लो रे

ऐसा बना दे मुझे श्याम दीवाना बनके दीवाना गाऊं तेरा ही तराना सांवरिया सेवा में हमको लगाना ऐसा बना दे

राते ढलती नहीं दिन भी निकलता नहीं, बिन तेरे मोहन पता भी हिलता नहीं, जिसने माटी बनाई सोना है, वो

मेरा श्याम सलोना रे देखो दोनों हाथ लुटाये, जो कोई मांगे सच्चे मन से झोली भर ले जाये, मेरा श्याम

मत छेड़ श्याम गलियां में लोगो के खटक जाएगी चुप चाप दही खिलवा दे ना तो मटकी चटक जायेगी, मत

तुझे छोड़ कहा जाऊ, मेरी आस तुहि तो है, मैं पाउ ठिकाना कहा, विश्वाश तुहि तो है, जग वालो ने

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे चंदा सा मुखड़ा तेरा घुंगराली लट है उस पे अदाए तेरी श्याम बिख्ट है

हम गुन्हेगार है तेरे श्याम बरसो से, मांगते है शमा तुझसे तेरे भगतो से, तूने श्रिष्टि की खातिर था शीश