
राधे मेरी इबादत मेरी कृष्णा बंदगी है
राधे मेरी इबादत मेरी कृष्णा बंदगी है, दोनों की रेहमतो से हर इक ख़ुशी मिली है, राधे मेरी इबादत मेरी

राधे मेरी इबादत मेरी कृष्णा बंदगी है, दोनों की रेहमतो से हर इक ख़ुशी मिली है, राधे मेरी इबादत मेरी

तू माने या न माने दिलदारा आसा ते तनु रब मनेया, दस होर केहड़ा रब द्वारा आसा ते तनु रब

मुरली बजाने वाले, गिरिवर उठाने वाले, मैं दास हूँ तुम्हारा, मैं दास हूँ तुम्हारा ढूंढ लिया जग सारा मैंने ,

गेला हरी कुन्या गांवा कुणाला नहीं कसा ठावा घुमेना गोकुळात पावा ग उडतो डोळा बाई डावा रमती कुन्जवनी बाला असावा

भक्तो के ह्रदय मे हर दम रहता संवारा, तू ही मेरा खाटू वाला तू ही पालनहारा तू ही संवारा, संवारा

भज ले रे मन कृष्ण मुरारी, मनमोहन माधव गिरिधारी । भज ले केशव कुञ्ज बिहारी, कृष्ण कहनाई श्याम बिहारी ।

तेरी बांसुरी ने मन लिया मोहे मोहना ओ तेरी बांसुरी ने, के ऐसी बांसुरी भजाई के राधा दौड़ी आई, तेरी

श्याम नाम की मेहंदी रचाकर, गुन्घट में शरमाऊ गी, बन के दुल्हनियां श्याम धनी की ब्रिज नगरी जाऊगी, श्याम नाम

कृष्ण तेरे नाम पे कुर्बान हो रही, सूरत को तेरी देख परशान हो रही, सिर पर मुकट मोर का कानों

आजायो मोरी इन गलियन में होली खेलुगी तेरे संग श्याम आजा मोरी गलियन में, आज श्याम ग्वालो को संग लेके