
यो तो फाग खेलके आयो
यो तो फाग खेलके आयो रे बरसाने से कन्हैया बरसाने से कन्हैया बरसाने से कन्हैया गयो अकड़के गातो बजातो, रंग

यो तो फाग खेलके आयो रे बरसाने से कन्हैया बरसाने से कन्हैया बरसाने से कन्हैया गयो अकड़के गातो बजातो, रंग

राधे राधे रटता जो कोई नाम है उसको मिल जाता मुरली वाला श्याम है जिसको ढूंढे अब तो ये सारा

नाथ मैं थारो जी थारो। चोखो, बुरो, कुटिल अरु कामी, जो कुछ हूँ सो थारो॥ बिगड्यो हूँ तो थाँरो बिगड्यो,

मेरे श्याम तेरे नाम न्यारे न्यारे, किस नाम से तुम्हे हम पुकारे, तुम्हे जब हम भुलाये आ जाना, मेरे श्याम

वृन्दावन के कण कण में यहाँ बहती प्रेम की धारा, कट जाये तेरी सारी वाधा जपले राधा राधा, तू जपले

एक तेरी, साँवरी सूरत से, बस हो ही गया है, प्यार मुझे l खा करके, ज़माने की ठोकर, एक तूँ

वृंदावन धाम जो गया जीवन ये धन हो गया श्री राधे नाम जो लिया कृष्ण का अन्नाये हो गया काम

मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला, नन्द लाला ओ गोपाला, मुरली की आवाज राधे बरसाने सुनी थी, राधे दोहडी चली

बाँह थामो मेरी हे कन्हईया, बीच मंझधार में हम खड़े हैं। हो दयालु बड़े तुम हे मोहन, कष्ट मेरे हरो

कर ले हरि का भजन क्या है भरोसा इस जीवन का दो दिन का जीवन, कर ले हरि का भजन